Agle Din Ke Liye Stock Selection Kaise Kare? Professional Trader Ki Tarah Karo Taiyari!
आज की इस गाइड में मैं तुम्हें स्टेप-बाय-स्टेप बताऊंगा कि कल के लिए बेस्ट स्टॉक्स कैसे फ़िल्टर करने हैं. इसमें हम Technicals भी देखेंगे और थोड़ा बहुत Psychology भी. तो कुर्सी की पेटी बाँध लो, क्योंकि ये सफर काफी इंटरेस्टिंग होने वाला है!
1. Liquidity: Trading Ka Pehla Rule (पैसे का बहाव देखो!)
देखो भाई, सबसे पहले एक बात गांठ बाँध लो—जिस स्टॉक में लोग (Buyers/Sellers) ही नहीं हैं, वहाँ ट्रेड करना मतलब खुद के पैर पर कुल्हाड़ी मारना है. इसे हम कहते हैं Liquidity.अगर तुम किसी ऐसे स्टॉक में घुस गए जहाँ वॉल्यूम कम है, तो तुम उसे खरीद तो लोगे, पर जब बेचने जाओगे तो कोई खरीदार ही नहीं मिलेगा. इसे 'Slippage' कहते हैं और इसमें बहुत तगड़ा नुकसान होता है.
💡 PRO TIP:
हमेशा वही स्टॉक्स चुनो जिनमें डेली कम से कम 10 लाख (1 Million) से ज़्यादा शेयर्स ट्रेड हो रहे हों. 'Penny stocks' के चक्कर में मत पड़ना, वो सिर्फ दिखने में सस्ते होते हैं, पर असल में बड़े 'Trap' होते हैं.
2. Volatility: Profit Banane Ka Petrol
बाज़ार में अगर हलचल (Movement) नहीं होगी, तो तुम पैसा कैसे बनाओगे? हमें ऐसे स्टॉक्स चाहिए जो थोड़े 'चुलबुले' हों, जो ऊपर-नीचे भागते हों. भैय्या जी, इसी को ही Volatility कहते हैं।
ट्रेडिंग के लिए वो स्टॉक्स बेस्ट हैं जो दिन में कम से कम 3% से 5% का मूव देने की ताकत रखते हों. अगर कोई स्टॉक कछुए की तरह चल रहा है, तो उसे अपनी वॉचलिस्ट से बाहर कर दो.
Market आज काफी volatile है, इसलिए stop loss लगाना न भूले! अगर तुम बिना स्टॉप-लॉस के ट्रेड कर रहे हो, तो तुम ट्रेडिंग नहीं, जुआ खेल रहे हो.
3. Sector Ka Mood Pehchano
भाई, कभी भी अकेले स्टॉक को मत देखो. पहले देखो कि पूरा बाज़ार (Nifty/Bank Nifty) किधर जा रहा है. अगर निफ्टी ऊपर है, तो 70% चांस है कि अच्छे स्टॉक्स भी ऊपर ही जाएंगे.इसके बाद देखो Sectoral Indices. जैसे अगर आज IT सेक्टर में तेज़ी है, तो Infosys, TCS और Wipro जैसे स्टॉक्स में धमाका होने के चांसेस बढ़ जाते हैं. इसे ही 'Sectoral Breakout' कहते हैं.
4. Technical Tools: Tumhare Asli Hathyar
चलो अब थोड़ा चार्ट्स की बात करते हैं. तुम्हें पीएचडी करने की ज़रुरत नहीं है, बस ये 3 चीज़ें देख लो:A. EMA (Moving Averages)
10 EMA और 20 EMA का कॉम्बिनेशन जादुई काम करता है. अगर 10 EMA नीचे से 20 EMA को काट दे (Golden Cross), तो समझो बुलिश सिग्नल है. और अगर उल्टा हो, तो समझो मंदी आने वाली है.
B. RSI (Relative Strength Index)
RSI हमें बताता है कि स्टॉक में कितना 'दम' बचा है. अगर RSI 60 के ऊपर जा रहा है, तो मतलब मोमेंटम तगड़ा है.
C. Camarilla Pivots (S3, R3, S4, R4)
ये मेरा पर्सनल फेवरेट है. अगर स्टॉक कल के H3 रेजिस्टेंस के ऊपर खुलता है, तो बहुत चांस है कि वो H4 तक जाएगा. इसे हम 'Range Expansion' कहते हैं.
5. Scanners: Smart Work Karo, Hard Work Nahi
भाई, NSE पर 2000 से ज़्यादा स्टॉक्स हैं. तुम एक-एक चार्ट तो देख नहीं सकते. इसलिए हम यूज़ करेंगे Chartink जैसे फ्री स्कैनर्स.कल के लिए स्टॉक चुनने के लिए ये सिंपल क्वेरी लगाओ:
Latest Close > 1 Day Ago High AND Latest Volume > 1 Day Ago Volume
ये स्कैनर तुम्हें वो स्टॉक्स निकाल कर देगा जिन्होंने आज अपने पिछले दिन का हाई तोड़ा है और वॉल्यूम भी बढ़िया है. यही कल के असली 'Breakout' कैंडिडेट्स हो सकते हैं.
6. News & Events: Inpe Nazar Rakho
बाज़ार में कभी-कभी चार्ट्स फेल हो जाते हैं अगर कोई बड़ी न्यूज़ आ जाए. जैसे:- Earnings Reports: अगर किसी कंपनी का रिजल्ट कल आने वाला है, तो वो स्टॉक काफी वोलेटाइल रहेगा.
- RBI Policy: इंटरेस्ट रेट्स में बदलाव पूरे बैंक निफ्टी को हिला सकता है.
- Global Cues: रात को अमेरिकी बाज़ार (Nasdaq/Dow Jones) कैसा रहा, इसका असर हमारे मार्केट की ओपनिंग पर पड़ता है.
7. Risk Management: Paisa Bachao, Paisa Banao
सुनो दोस्त, ट्रेडिंग में तुम कितने पैसे बनाओगे ये मार्केट तय करेगा, पर तुम कितने गँवाओगे ये तुम तय करोगे.- 2% Rule: एक सिंगल ट्रेड में अपने टोटल कैपिटल का 2% से ज़्यादा रिस्क कभी मत लो.
- Position Sizing: उतना ही माल उठाओ जितना तुम्हारा दिल बर्दाश्त कर सके.
Risk Amount
Position Size = --------------------------------------
Entry Price - Stop Loss
8. Beginners Ki Common Galti (इनसे बचो भाई!)
- Chasing Tips: वो WhatsApp और Telegram वाले 'Tips' के चक्कर में मत पड़ना. वो खुद लॉस में होते हैं और दूसरों को टिप्स देते हैं.
- Overtrading: दिन में 2-3 क्वालिटी ट्रेड्स काफी हैं. 50 ट्रेड करोगे तो सिर्फ ब्रोकर अमीर बनेगा, तुम नहीं.
- Averaging in Losses: अगर ट्रेड गलत जा रहा है, तो और खरीदकर उसे 'Average' मत करो. चुपचाप स्टॉप-लॉस लेकर बाहर निकल जाओ.
9. Professional Pre-Market Checklist
सुबह 9 बजे अपना लैपटॉप खोलो और ये 5 चीज़ें चेक करो:- Watchlist: क्या मेरी 5-6 स्टॉक्स की लिस्ट तैयार है?
- Levels: क्या मैंने चार्ट पर Entry, Target और SL मार्क कर लिया है?
- GIFT Nifty: बाज़ार गैप-अप खुलेगा या गैप-डाउन?
- News: कोई नई खबर तो नहीं आई सुबह?
- Mindset: क्या मैं शांत हूँ? क्या मैं आज मार्केट से लड़ने के मूड में तो नहीं हूँ?
Conclusion: Taiyari Jeet Ki!
मेरे दोस्त, स्टॉक सिलेक्शन कोई रॉकेट साइंस नहीं है. ये बस थोड़े से डिसिप्लिन और सही टूल्स का खेल है. जब तुम लिक्विडिटी, वोलेटिलिटी और टेक्निकल चार्ट्स को मिला देते हो, तो प्रॉफिट के चांसेस अपने आप बढ़ जाते हैं.याद रखना, एक प्रोफेशनल ट्रेडर वो नहीं जो हर रोज़ ट्रेड करता है, बल्कि वो है जो सिर्फ 'High Probability' सेटअप्स पर ही दांव लगाता है. तैयारी आज रात को करो, ताकि कल सुबह तुम कॉन्फिडेंस के साथ बटन दबा सको.
💡 PRO TIP:
ट्रेडिंग एक मैराथन है, कोई 100 मीटर की रेस नहीं. इसलिए टिके रहना ज़्यादा ज़रूरी है. अगर आज मार्केट समझ नहीं आ रहा, तो ट्रेड न करना भी एक बेहतरीन ट्रेड है!
बाकी भाई, खुश रहो और संभल कर ट्रेड करो. Market आज काफी volatile है, इसलिए stop loss लगाना न भूले! धन्यवाद!FAQ (agle din ke liye stock selection kaise kare)
1. अगले दिन इंट्राडे स्टॉक कैसे चुनें?अगले दिन के लिए स्टॉक चुनने का सबसे सरल तरीका है उन शेयरों को पहचानना जिनमें लिक्विडिटी और वॉल्यूम तगड़ा हो, ताकि आप बिना फंसे आसानी से एंट्री-एग्जिट कर सकें। इसके लिए बस सेक्टर के मूड और चार्ट्स पर ब्रेकआउट लेवल्स को अपनी खुद की रिसर्च का आधार बनाओ और एक बढ़िया वॉचलिस्ट तैयार कर लो।
2. कैसे पता करें कि अगले दिन कौन सा स्टॉक ऊपर जा रहा है?
यह पता करने के लिए कि कल कौन सा स्टॉक तेज़ी दिखा सकता है, बस यह देखें कि आज किस स्टॉक ने 'High Volume' के साथ अपने रेजिस्टेंस लेवल को तोड़ा है। अगर सेक्टर का ट्रेंड भी बुलिश है और चार्ट पर मोमेंटम मज़बूत दिख रहा है, तो अगले दिन भी ऊपर जाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
3. 1 दिन में शेयर बाजार में कितना पैसा कमा सकते हैं?
सच तो यह है कि शेयर बाज़ार में कमाई की कोई फिक्स लिमिट नहीं है, यह सब आपकी स्ट्रेटजी और रिस्क मैनेजमेंट पर निर्भर करता है। एक अनुशासित ट्रेडर अपने कैपिटल पर 1-2% का छोटा पर संतोषजनक प्रॉफिट बनाकर खुश रहता है, लेकिन याद रखें कि बिना तैयारी के ट्रेड करने वाले 90% लोग यहाँ अपना पैसा गँवा भी देते हैं।
4. शेयरों में 90% नियम क्या है?
भाई, मार्केट में एक कड़वा सच है जिसे '90-90-90 नियम' कहते हैं—यानी 90% नए ट्रेडर्स अपनी 90% पूंजी शुरुआती 90 दिनों में ही गँवा देते हैं। यह अक्सर बिना किसी प्रॉपर नॉलेज, प्लान या स्टॉप-लॉस के भावनाओं में बहकर ट्रेड करने की वजह से होता है, इसलिए हमेशा रिस्क मैनेजमेंट को अपनी प्राथमिकता बनाएं।
5. शेयर कितने बजे खरीदना चाहिए?
शेयर खरीदने का सबसे सही समय सुबह 10 बजे के बाद होता है जब मार्केट की शुरुआती 'अफरा-तफरी' थोड़ी शांत हो जाती है और ट्रेंड साफ दिखने लगता है। वैसे तो मार्केट 3:30 बजे तक खुला है, पर अगर आप बिगिनर हो तो बीच के समय (11 से 2 बजे) ट्रेड करना ज़्यादा सेफ रहता है क्योंकि तब उतार-चढ़ाव कम होता है।
6. रात में कौन सा शेयर मार्केट चलता है?
भाई, रात में मुख्य रूप से अमेरिका का शेयर मार्केट (NYSE/NASDAQ) चलता है, जो इंडियन टाइम के हिसाब से रात 1:30 या 2:30 बजे तक खुला रहता है. इसके अलावा, इंडिया का कमोडिटी मार्केट (MCX) भी रात 11:55 तक चालू रहता है और GIFT Nifty तो लगभग पूरी रात ही एक्टिव रहता है.
7. 1 लॉट का मतलब कितने शेयर होते हैं?
भाई, simple भाषा में कहें तो 'Lot' का मतलब है शेयर्स का एक bundle या पूरा डिब्बा जिसे आप Options और Futures ट्रेडिंग में एक साथ खरीदते या बेचते हैं। अभी के लेटेस्ट नियमों के हिसाब से Nifty 50 के एक लॉट में 65 शेयर्स होते हैं और Bank Nifty के लिए यह 30 शेयर्स का एक फिक्स ग्रुप होता है। ऐसे ही FINNIFTY में एक लॉट 60 शेयर्स का होता है, और यह सब SEBI इसलिए तय करता है ताकि हर ट्रेड की कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू एक तय रेंज (₹15-20 लाख) में बनी रहे। अगर आपको कोई ट्रेड लेना है, तो आपको बस प्रीमियम को इन शेयर्स की संख्या (lot size) से गुणा करना होगा, वही आपका असल इन्वेस्टमेंट होगा। हमेशा याद रखना मेरे दोस्त कि लॉट साइज के हिसाब से रिस्क और प्रॉफिट दोनों बड़े हो सकते हैं, इसलिए बिना सही डिसिप्लिन और रिस्क मैनेजमेंट के इसमें हाथ मत डालना!
ज़रूरी डिस्क्लेमर (Must Read, Bhai!)
देख दोस्त, ट्रेडिंग शुरू करने से पहले ये बातें जान लेना बहुत ज़रूरी हैं: Educational Purpose Only: इस ब्लॉग में जो भी 'stock selection' के तरीके, चार्ट्स या इंडिकेटर्स बताए गए हैं, वो सिर्फ और सिर्फ Education और Awareness के लिए हैं. इसे कोई 'Buy/Sell Recommendation' या 'Investment Advice' न समझें.
Not SEBI Registered: हम कोई SEBI Registered Investment Advisor (IA) या Research Analyst (RA) नहीं है। हम बस अपना एक्सपीरियंस और नॉलेज आपके साथ शेयर कर रहा है।
Market Risks: शेयर बाज़ार में पैसा लगाना जोखिम भरा हो सकता है. यहाँ 'Guaranteed Returns' जैसा कुछ नहीं होता.
Do Your Own Research: किसी भी स्टॉक में पैसा लगाने से पहले अपनी खुद की रिसर्च (DIY Research) ज़रूर करें या किसी सर्टिफाइड Financial Advisor से सलाह लें. आपके किसी भी नफे या नुकसान के लिए यह ब्लॉग ज़िम्मेदार नहीं होगा.
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